Tuesday, September 13, 2011

उड़ गई है नींद आँखों में

उड़ गई है नींद आँखों की हमारी
बस गई दिल में हमारे छवि तुम्हारी
छोड़ कर हमको अकेला यूँ न जाओ
जानेमन अब तो हमारे पास आओ

इन्तजारी के लम्हे कटते नहीं है
वक्त के घंटे जरा घटते नहीं है
देखती हूँ मैं खुली आँखों में सपने
अब नहीं दिल पर रहा अधिकार अपने

16 comments:

  1. दोनों मुक्तक प्यार के रंग में रंगे हुए हैं जी।
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने दिल से!

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  2. बहुत खुबसूरत अभिव्यक्ति ,....

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  3. सही कहा ||

    बहुत खुबसूरत अभिव्यक्ति ||

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  4. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..

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  5. बहुत खुबसूरत अभिव्यक्ति ||

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  6. बहुत खुबसूरत अभिव्यक्ति |

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  7. बहुत सुन्दर रचना |

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  8. आप सब का धन्यवाद ,मुझे उत्साह देने के लिए

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  9. बहुत खूब .. प्यार का असर है ये ...
    ऐसा होता है जब प्रेम परवान पर हो ...

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