Thursday, September 15, 2011

हकीक़त

हकीक़त  हो  तुम  कैसे  तुझे  सपना  कहूँ ,
तेरे  हर  दर्द  को  अब  मैं  अपना  कहूँ,
सब  कुछ  कुर्बान  है  मेरे  यार  तुझ  पर,
कौन  है  तेरे  सिवा  जिसे  मैं  अपना  कहूँ
अपनों  को  जब  अपने  खो  देते  हैं,
तनहाइयों  में  वोह  रो  देते  हैं,
क्यूँ  इन  पलकों  पर  बैठाते  हैं  लोग  उनको ,
जो  इन  पलकों  को  अक्सर  आंसुओ  से  भिगो  देते  हैं



जब  भी  याद आते हो  मुस्कुरा  लेते  हैं ,
कुछ  पलों  के  लिए  हर  गम  भुला  देते  हैं,
कैसे  भीग  सकते   हैं  आपकी  पलकें,
आपके  हिस्से  के  आंसू  तो  हम  बहा  लेते  हैं...


26 comments:

  1. अरे वाह!
    आज तो मुक्तकों के साथ सदाबहार फिल्मी गाने भी हैं!
    जवाब नहीं आपकी प्रस्तुति का विद्या जी!

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  2. देखी रचना ताज़ी ताज़ी --
    भूल गया मैं कविताबाजी |

    चर्चा मंच बढाए हिम्मत-- -
    और जिता दे हारी बाजी |

    लेखक-कवि पाठक आलोचक
    आ जाओ अब राजी-राजी |

    क्षमा करें टिपियायें आकर
    छोड़-छाड़ अपनी नाराजी ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. बहुत ही प्यारी और खुबसूरत रचना .....गाने भी बड़े प्यारे हैं

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  4. ख़ूबसूरत रचना | सुन्दर अभिव्यक्ति |

    मेरी नई रचना देखें-

    **मेरी कविता: हिंदी हिन्दुस्तान है**

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  5. बहुत ही प्यारी और खुबसूरत रचना|

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  6. अपनों को जब अपने खो देते हैं,
    तनहाइयों में वोह रो देते हैं,
    क्यूँ इन पलकों पर बैठाते हैं लोग उनको ,
    जो इन पलकों को अक्सर आंसुओ से भिगो देते हैं
    bahut badhiyaa

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  7. दूसे के हिस्से के आंसू बहा लेना आसान नहीं होता ... ये प्रेम की इन्तहा है ...

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  8. bahut sunder bhav.............

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  9. खुबसूरत रचना. सदाबहार फिल्मी गाने भी

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  10. अनूठा अंदाज अभिव्यक्ति का. स्वागत.

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  11. सर्द अहसास और भावनाओं का अनूठा मिश्रण ..

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  12. तीनों ही मुक्तक बहुत ही मन से लिखे गये हैं इसीलिये सीधे मन को छू गये.सदाबहार गीतों ने सोने पर सुहागा कर दिया.

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  13. शुक्रवार-http://charchamanch.blogspot.com/

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  14. सभी अशआर खूबसूरत ...सुन्दर प्रस्तुति

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  15. जब भी याद आते हो मुस्कुरा लेते हैं ,
    कुछ पलों के लिए हर गम भुला देते हैं,
    कैसे भीगा सकते हैं आपकी पलकें,
    आपके हिस्से के आंसू तो हम बहा लेते हैं...बहुत ही खूबसूरत समर्पण |

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  17. क्या बात है ! बड़ी गहराई ली हुई पंक्तियाँ !!

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  18. बहुत गहन भावों को शब्दों में पिरोया है आपने।

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  19. खुबसूरत संगीतमय प्रस्तुति के लिये बधाई.

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मैं अपने ब्लॉग पर आपका स्वागत करती हूँ! कृपया मेरी पोस्ट के बारे में अपने सुझावों से अवगत कराने की कृपा करें। आपकी आभारी रहूँगी।

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