Monday, August 29, 2011

चांद की सुन्दरता

चन्दा मामा आवो ना ,
साथ मुझे ले जावो ना.
बादल के घोड़े पर चढ़ कर
मुझे घुमा कर  लाओ ना.

तारो के संग आँख मिचोनी
मै खेल कर आवूंगा.
आसमान में ऊपर जाकर
सारे जग को देखूंगा.

रात चाँदनी में नाचूँगा,
गीत ख़ुशी के  गाऊँगा.
वापिस आते एक दुल्हनिया
परी देश से लाऊँगा.

12 comments:

  1. चन्दा मामा का बालगीत बहुत अच्छा लिखा है आपने।
    इसे पढ़कर हम भी बच्चे बनकर आसमान की सैर कर आये हैं।

    ReplyDelete
  2. बहुत-बहुत बधाई |

    सुन्दर प्रस्तुति ||

    ReplyDelete
  3. चन्दा मामा तो ठीक है, हमें पता है,
    और मामी कौन होती है बतायेगा कोई?

    ReplyDelete
  4. सुन्दर प्रस्तुति ||

    ReplyDelete
  5. और जाट देवता ने पुछा की मामी कौन है
    अभी चाँद मामा अविवाहित हैं जब शादी कर लेंगे तो जरुर बताएँगे ...

    ReplyDelete
  6. बचपन की यादें ताजी हो गयी .........
    सुन्दर प्रस्तुति |

    ReplyDelete
  7. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है! यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

    ReplyDelete
  8. यह बाल गीत बहुत अच्छा लगा।

    ReplyDelete
  9. bahut hi pyara baal geet.har bachche ke man ki baat.

    ReplyDelete

मैं अपने ब्लॉग पर आपका स्वागत करती हूँ! कृपया मेरी पोस्ट के बारे में अपने सुझावों से अवगत कराने की कृपा करें। आपकी आभारी रहूँगी।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लिखिए अपनी भाषा में