Tuesday, August 30, 2011

जुगनू क्यों चमकते हैं

शहरों में रहने वाले लोग जुगनुओं को नहीं देख पाते हैं, किन्तु अवकाशकाल में गाँव में हम इन कीड़ो को देख सकते हैं जो ग्रीष्म काल की संध्या के समय हलका नीला प्रकाश बिखेरते हैं! जुगनू के पेट में एक अवयव होता है! इन अवयवों में लूसिफेरिन (luciferin ) नामक पदार्थ ऑक्सीजन से मिलने पर प्रकाश उत्पन्न करता है! जुगनू और प्रकाशवान कीड़े प्रकाश- जन्तु परिवार में पंखदार, हल्के शरीर वाले झींगुर होते हैं, ये कीड़े भी रात को प्रकाश देते हैं, जब वे एक पौधे से दुसरे पौधे तक उड़ते हुए जाते हैं!

जुगनू अपनी मादा साथी को रिझाने के लिए जलता-बुझता है।
मैं सोचती हूँ. रंग और रोशनी मतलब तितली
रोशनी और अन्धेरा मतलब जुगनू
क्या इंसान जैसा ही कुछ कुछ मिलता है,रंग
रोशनी और अन्धेरा तीनों के बीच मैं इंसान
फिर भी सबकी अहमियत अपनी अपनी जगह
बस जीवन है येही क्या कम है जिसमें हम ये भेद करने मैं सछम हैं

14 comments:

  1. ओह!
    आज हमें भी पता चल गया कि जुगनुओं के प्रकाश में
    क्या राज़ छिपा है।

    ReplyDelete
  2. कल 31/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  3. बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने ..
    ..........बधाई ....

    ReplyDelete
  4. बहुत ख़ूबसूरत आलेख..

    ReplyDelete
  5. wah ji...
    kitni sunder aur gyan vardhank jankari di hai..!

    aap ka blogg bahut pashand aya.

    Blogg ka anusharan kar raha hun..!
    ap bhi aiye... hame khusi hogi.

    Abhar.

    ReplyDelete
  6. Mubark ho mere follow karte hi ap ka no subh anko me chala gaya hai.___111_____

    Badhai.

    ReplyDelete
  7. बहुत खुबसूरत ....

    ReplyDelete
  8. बहुत सुंदर जुगुनू के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दी आपने /इतनी शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई /



    plrase visit my blog.
    www.prernaargal.blogspot.com

    ReplyDelete
  9. अच्छी जानकारी ... बढ़िया प्रस्तुति

    ReplyDelete
  10. बढ़िया प्रस्तुति

    ReplyDelete
  11. बहुत सुन्दर जानकारी शुक्रिया दोस्त |

    ReplyDelete

मैं अपने ब्लॉग पर आपका स्वागत करती हूँ! कृपया मेरी पोस्ट के बारे में अपने सुझावों से अवगत कराने की कृपा करें। आपकी आभारी रहूँगी।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लिखिए अपनी भाषा में