Monday, July 25, 2011

वह मेरी हर कविता की शुरुआत.


वह जो मेरा है
मेरे पास होकर भी मुझ से बहुत दूर है.
पास आने के मेरे उसके खयाल
आश्चर्य का छायाचित्र बन दीवार पर टँगे हैं,
द्विआयामी अस्तित्व में हम अवाक देखते हैं
हमारे बीच की ऊँची दीवार.

मेरे लिए भी कोई सोचता है
अँधेरे में तारों की रोशनी में उसे देखता हूँ
दूर खिड़की पर उदास खड़ी है. दबी हुई मुस्कान
जो दिन भर उसे दिगन्त तक फैलाए हुए थी
इस वक्त बहुत दब गई है.

अनगिनत सीमाओं पार खिड़की पर वह उदास है.
उसके खयालों में मेरी कविताएँ हैं. सीमाएँ पार
करते हुए गोलीबारी में कविताएँ हैं लहूलुहान.

वह मेरी हर कविता की शुरुआत.

23 comments:

  1. अनगिनत सीमाओं पार खिड़की पर वह उदास है.
    उसके खयालों में मेरी कविताएँ हैं. सीमाएँ पार
    करते हुए गोलीबारी में कविताएँ हैं लहूलुहान.

    वह मेरी हर कविता की शुरुआत....bahut bhaa gaye yeh alfaaz.very nice.

    ReplyDelete
  2. mere blog pe aane aur अनगिनत सीमाओं पार खिड़की पर वह उदास है.
    उसके खयालों में मेरी कविताएँ हैं. सीमाएँ पार
    करते हुए गोलीबारी में कविताएँ हैं लहूलुहान.is behtarin kavita bhav bibhor kar dene wali panktiyan likhne ke liye hardik dhanyawad

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर भाव संयोजन्।

    ReplyDelete
  4. बेहतरीन ||
    बधाई ||

    ReplyDelete
  5. मुझे ये बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है की हिंदी ब्लॉगर वीकली{१} की पहली चर्चा की आज शुरुवात हिंदी ब्लॉगर फोरम international के मंच पर हो गई है/ आपकी aek उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज सोमवार 25/07/11 को इस मंच पर की गई है /इस मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है /आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/इस मंच का लिंक नीचे लगाया है /आभार /

    www.hbfint.blogspot.com

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर भाव.....

    ReplyDelete
  7. वाह!!!वाह!!! क्या कहने, बेहद उम्दा

    ReplyDelete
  8. बहुत बेहतरीन कविता|

    ReplyDelete
  9. बहुत अच्छी नये प्रतीक विधान से सजी कविता इट विद्या जी .

    ReplyDelete
  10. खबसूरत और बेहतरीन शुरुवात...

    ReplyDelete
  11. बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना! बेहतरीन प्रस्तुती!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    ReplyDelete
  12. आपका शुक्रिया करने आया ,दोबारा पढ़ी यह रचना ,और भी डेफ्थ लिए मुखर हुए भाव -विभाव -अनुभाव ,

    ReplyDelete
  13. बहुत बेहतरीन सुंदर रचना|

    ReplyDelete

मैं अपने ब्लॉग पर आपका स्वागत करती हूँ! कृपया मेरी पोस्ट के बारे में अपने सुझावों से अवगत कराने की कृपा करें। आपकी आभारी रहूँगी।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लिखिए अपनी भाषा में