Sunday, July 31, 2011

विज्ञान ने लाभ तथा हानिया

विज्ञान ने लाभ तथा हानिया 
आज विज्ञान का युग है  मनुष्य कम से कम मेहनत करके सुख पाना चाहता
 है| उसके लिए  तरह तरह के मशीने  बनाता जा रहा है | नई- नई चीजो का 
आविष्कार करता  जा रहा है |इसी  का नतीजा  है -- बिजली ,रेडियो ,कंप्यूटर 
सेलफोने आदि ||

विज्ञानं हमारे जीवन के लिए एक वरदान  है |चिकित्सा ,इंजीनियरिग  आदि के 
संबंध में बहुत उन्नति की है | विज्ञानं  के कारण मनुष्य अधिक सभ्य बन गया है |

 सारे कम बिजली ले द्रारा ही होते है | बिजली को अपने जीवन से अलग नही किया जा सकता |विज्ञानं की सहायता के ही समाचार - पत्र ,किताबे आदि छपते है |खेतो में अनाज की उपज बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर  बनाये गये है कपड़ो की जरूरत पूरी करने के लिए तरह तरह  की मशीने बनाई गई|विज्ञानं  की मदद से कम समय में अधिक चीजे बनाई जाती है 

देश की रक्षा के  लिए विज्ञानं की मदद से मनुष्य ने तरह तरह के हथियार  बनाये | लेकिन साथ ही इन हथियारों से देशो का नाश भी करते है |विज्ञानं के कारण बेकारी और बेरोजगारी बढती जा रही है |

विज्ञानं से मनुष्य  की जरूरते बढ़ गयी  है |इसमे मनुष्य और दुखी होता है
इस तरह विज्ञानं एक तरह से वरदान है तो दूसरी तरह से शाप भी है |

21 comments:

  1. विज्ञान ने हमको लाभ ज्यादा दिया है, वो अलग बात है कि अपने स्वार्थ के वजह से हमने उसे हानि में बदल दिया है।

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  2. सुन्दर प्रस्तुति ||
    बहुत-बहुत बधाई ||

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  3. आज जितने इलाके जितनी खिड़कियाँ विज्ञान ने खोली हैं पहले कहाँ थीं .आज प्रोद्योगिकी ने हर क्षेत्र में नए उद्यम के रास्ते खोलें हैं .विज्ञान जब धूर्तों के हाथों में पड़ता है तो अनर्थ करता है .इसमें दोष विज्ञान का नहीं उसके प्रयोक्ता का है .

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  4. बहुत अच्छा लगा आपके ब्लाग पर आकर। नवगीत और हाइकु में यदि आपकी रुचि है तो यहाँ भी देखें और ब्लाग की सदस्यता ग्रहण कर अनुग्रहीत करें।
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  5. hame bhi kuchh janane ko hi mila..........:)

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  6. आपकी बातों से सहमत।

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  7. बहुत ही बढ़िया लेख बहुत ही अच्छा लगा पढ़ कर !

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  8. सुन्दर प्रस्तुति!

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  9. विज्ञानं से मनुष्य की जरूरते बढ़ गयी है |इसमे मनुष्य और दुखी होता है .इस तरह विज्ञानं एक तरह से वरदान है तो दूसरी तरह से शाप भी है |


    हर सिक्के के दो पहलू होते है .यहाँ भी है .

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  10. विज्ञान वरदान भी है औा अभिशाप भी।
    अच्छा लेख।

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  11. वाह!
    बहुत सुन्दर पोस्ट!
    --
    पूरे 36 घंटे बाद नेट पर आया हूँ!
    धीरे-धीरे सबके यहाँ पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ!

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  12. बहुत अच्छा लगा आपके ब्लाग पर आकर।

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति|

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  14. विषय अच्छा है किंतु यह कहना ठीक नहीं कि विज्ञान के कारण बेकारी और बेरोजगारी बढती जा रही है| विज्ञान के कारण ही रोज़गार के इतने अवसर बढ़े हैं। हमने स्वयं विज्ञान के लिए कितनी चुनौतियां खड़ी की हैं,इस पर भी चिंतन होना चाहिए।

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  15. बहुत बढ़िया और दिलचस्प लगा! अच्छी जानकारी मिली!

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  16. क्या विज्ञान का जन्म पश्चिम में हुआ??
    पाइथागोरस से पहले आर्यभट्ट, न्यूटन से पहले भास्कराचार्य!

    जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें:--

    क्यों आत्मविस्मृत हुए हम??

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